आजकल सिरदर्द हर उम्र के व्यक्ति की आम समस्या बन चुकी है। चाहे ऑफिस का तनाव हो, मोबाइल-लैपटॉप पर लंबा समय बिताना हो या नींद पूरी न होना – सिरदर्द जीवन की Quality बिगाड़ देता है। कई बार यह सिरदर्द साधारण नहीं बल्कि माइग्रेन की शुरुआत भी हो सकता है।
Masanikkas Ayurvedic Clinic में Dr Sonal Dhull और उनके पिता Vaid Surender Singh (30 वर्षों का अनुभव) सिरदर्द और माइग्रेन का इलाज प्राकृतिक तरीकों से करते हैं। यहाँ इलाज सिर्फ दर्द दबाने का नहीं, बल्कि जड़ से ठीक करने का प्रयास होता है।
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Toggleसिरदर्द और माइग्रेन में अंतर
सिरदर्द (Headache) सामान्य दर्द जो तनाव, थकान या पाचन गड़बड़ी से हो सकता है।
माइग्रेन: इसमें तेज दर्द सिर के एक हिस्से में होता है, साथ ही उल्टी, चक्कर और रोशनी से परेशानी भी हो सकती है।
आयुर्वेद इसे “आर्धावभेदक” रोग मानता है और इसका कारण शरीर के दोषों (वात, पित्त, कफ) का असंतुलन है।
सिरदर्द के सामान्य कारण
- मानसिक तनाव और चिंता
- नींद की कमी
- आंखों पर अधिक दबाव (screen time)
- पेट की समस्या (गैस, कब्ज, अपच)
- मौसम में बदलाव
- अत्यधिक चाय-कॉफी या जंक फूड
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद मानता है कि सिरदर्द केवल दवा से नहीं, बल्कि शरीर के भीतर संतुलन लाकर ठीक होता है।
डॉ. सोनल बताती हैं –
“अगर सिरदर्द बार-बार होता है, तो उसकी जड़ पेट या lifestyle में होती है। सिर्फ गोली खाने से समस्या दबती है, खत्म नहीं होती।”
Vaid Surender Singh, जिनके पास 30+ साल का अनुभव है, कहते हैं –
“सिरदर्द का सबसे प्रभावी इलाज वही है जो रोगी की प्रकृति (वात, पित्त, कफ) को समझकर किया जाए।”
सिरदर्द और माइग्रेन के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय
1. पुदीना और नींबू
पुदीना का रस और नींबू का रस मिलाकर माथे पर लगाने से सिरदर्द में तुरंत आराम मिलता है।
2. अदरक की चाय
अदरक में प्राकृतिक pain-relieving गुण होते हैं। अदरक की चाय या अदरक का रस माइग्रेन के दर्द को कम करता है।
3. त्रिफला चूर्ण
अगर सिरदर्द कब्ज या गैस की वजह से है तो रात को त्रिफला लेने से फायदा होता है।
4. नस्य कर्म (Ayurvedic Therapy)
आयुर्वेदिक तेल की 2-2 बूंद नाक में डालने से दिमाग को पोषण मिलता है और माइग्रेन में राहत मिलती है।
5. जीवनशैली सुधार
समय पर सोना और उठना |
सुबह योग और प्राणायाम |
तैलीय और जंक फूड कम करना |
अधिक पानी पीना |
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर सिरदर्द रोज़ हो और दवा के बिना न रुके
रोशनी और आवाज़ से दर्द बढ़ जाए (माइग्रेन)
उल्टी, चक्कर और धुंधला दिखना साथ हो
दर्द लगातार 2–3 दिन बना रहे
ऐसे लक्षण होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।
Masanikkas Ayurvedic Clinic की विशेषता
Vaid Surender Singh – 30 वर्षों से अधिक अनुभव, हजारों मरीजों का इलाज प्राकृतिक तरीकों से किया।
डॉ. सोनल – नई पीढ़ी की आयुर्वेदिक डॉक्टर, lifestyle diseases और chronic सिरदर्द के इलाज में विशेष।
इलाज में दवाओं के साथ-साथ आहार, योग और दिनचर्या पर विशेष ध्यान।
हर मरीज को उसकी प्रकृति (वात-पित्त-कफ) के अनुसार व्यक्तिगत इलाज।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या माइग्रेन पूरी तरह ठीक हो सकता है?
👉 हाँ, आयुर्वेद में lifestyle सुधार और सही दवाओं से माइग्रेन को जड़ से ठीक किया जा सकता है।
Q2. क्या बार-बार painkiller लेने से नुकसान होता है?
👉 हाँ, इससे पेट और किडनी पर असर पड़ सकता है। इसलिए प्राकृतिक इलाज अपनाना बेहतर है।
Q3. क्या सिरदर्द पेट की गड़बड़ी से भी होता है?
👉 बिल्कुल, कब्ज और गैस सिरदर्द की बड़ी वजह होते हैं।
Q4. आयुर्वेद में माइग्रेन का सबसे अच्छा इलाज क्या है?
👉 नस्य कर्म, हर्बल औषधियाँ, और आहार-विहार का संतुलन।
निष्कर्ष
सिरदर्द और माइग्रेन केवल दवा खाने से नहीं, बल्कि शरीर की जड़ों को संतुलित करने से ठीक होते हैं। आयुर्वेद इसमें सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
👉 अगर आप भी लगातार **सिरदर्द या माइग्रेन** से परेशान हैं, तो आज ही संपर्क करें –
Masanikkas Ayurvedic Clinic
डॉ. सोनल
Vaid Surender Singh – 30+ वर्षों का अनुभव
